*पीपलखूंट जैन समाज द्धारा पर्युषण महापर्व के समापन पर धर्म नगरी पीपलखूंट नगर में श्रीजी की रथयात्रा और तपस्वियाें का वरघोड़ा निकाला गया*

नगर के श्री 1008 श्री अरहनाथ सकल दिगम्बर जैन मंदिर में परम् श्रद्धेय हरीश भय्याजी के पावन सानिध्य में पर्युषण महापर्व के समापन पर श्रीजी की रथयात्रा एवं तपस्वी रत्नों का वरघोड़ा जुलुस नगर के प्रमुख मार्गों से निकाला गया l
श्री समाज की ओर से वीर स्वाधाय सभागार में तपस्या कर रहे तपस्वीयों का अनुमोदनार्थ कार्यक्रम कर तपस्वी रत्न सुश्री नाईस साबारिया एवं सुश्री ध्वनि साबरिया दोनों तपस्वियों का अभिनन्दन कर बहुमान किया गया एवं सभी समाजजनों एवं बाहर से पधारे हुए अतिथियों ने दोनों तपस्वियाें का बहुमान किया गया l तत्पश्चात दोनों तपस्वियों का महापारणा विधिवत तरीखे से साबरिया परिवार सहित सभी श्रावक श्राविकाओं ने सम्पन्न करवाया l
रथयात्रा में शामिल बच्चों से लेकर बड़े छोटे युवावर्ग सहित बुजुर्ग तक भक्तिमय महौल में नाचते झुमते नजर आए। शोभायात्रा प्रात: 9 बजे मंदिर जी से शुरू हुई,जो आनन्दमयी भव्य शोभायात्रा कोविड 19 की शासन प्रशासन द्धारा जारी दिशा निर्देशो के नियमानुसार बेण्ड बाजा नहीं करते हुए ढोल गाजे बाजे के साथ मन्दिर जी से घण्टाली चौराह से होती हुई पावटी रोड़ तक व् कस्बे के मुख्य बाजार से  होती हुई बस स्टैण्ड होते हुए आश्रम छात्रावास तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई l इस दौरान श्रीजी को पालकी में विराजमान किया गया। कुछ भक्त कन्धे पर पालकी लेकर चल रहे थे। तो बाकी लोग सुंदर भजन गाते ढोल बाजो की धुन के बीच नृत्य करते हुए आगे बढ़ रहे थे। दुकानों व घरोँ के सामने जगह-जगह श्रीजी का दर्शनलाभ लेते हुए शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
भक्ति आराधना के साथ पर्युषण महापर्व का समापन श्री अरहनाथ जैन युवा संगठन के महामन्त्री प्रदीप सेठ ने बताया कि शोभायात्रा के साथ ही उत्तम, क्षमा, मार्दव आर्जव, सत्य, शौच तप, त्याग, आंकिचन और ब्रह्मचर्य तक की यात्रा करने वाले दिगंम्बर जैन समाज के दशलक्षणा पर्व का भक्ति आराधना के साथ समापन हुआ। मंदिर में सुबह से ही पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया था। श्री वीर स्वाधाय भवन में श्रदेय हरीश भय्याजी के संचालन में अभिषेक पूजन किया गया। शांतिधारा करने का सौभाग्य बाबूलाल विरावली सपरिवार को मिला। 
श्री अरहनाथ जैन युवा संगठन के महामन्त्री प्रदीप सेठ ने बताया की धर्म नगरी पीपलखूंट नगर के श्री सकल दिगम्बर जैन मन्दिर में दस दिनों तक भगवान का अभिषेक, शान्तिधारा, पूजा,भक्ति, आरती के साथ विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमोँ के आयोजन किए गए। जैन समाज के श्रावक श्राविकाओ  द्वारा व्रत उपवास की तपस्या के द्वारा आत्म कल्याण किया गया। परम् श्रदेय हरीश भय्याजी के द्वारा 10 दिनों तक अपने प्रवचनो के माध्यम से दश लक्षण धर्म का महत्व बताया। इस अवसर पर इन महान दिनो में तप, त्याग, संयम धारण करते हुवे अपनी आत्म साधना को मजबूत करते हुए सुश्री नाईस साबरिया एवं सुश्री ध्वनि साबरिया जैन ने लगातार दस उपवास के माध्यम से आत्म साधना की ।
गले मिलकर की क्षमा याचना
इस दौरान सभी ने गले मिलकर एक-दूसरे से क्षमा याचना की।श्रेदेय हरीश भय्याजी को सम्मानित किया गया। पर्युषण पर्व के संचालक  राजेश चन्दावत ने सभा का संचालन किया। साथ ही समाज के अध्यक्ष नगेन्द्र घाटलिया , सरंक्षक विनोद पचोरी , महामन्त्री प्रदीप सेठ , उपाध्यक्ष आदित्य घाटलिया , कोषाध्यक्ष सुदीप मुंगाणीया , धार्मिक संयोजक राकेश  वगेरिया , देवेन्द्र पचोरी , रवीन्द्र  साबरिया ,  महेश साबरिया ,  हितेश साबरिया सहित वरिष्ट समाजजन उपस्थित रहे l पुलिस थाना पीपलखूंट जाफ़ता शोभायात्रा में उपस्थित रहा है।
शोभा यात्रा में चाहत साबरिया ,  अर्पित जैन व  समर जैन की मण्डली का सधा हुआ कुशल संगीतमय निर्देशन आनन्दमयी भव्य शोभा यात्रा में सहस्र गुणा आनंद वर्धन कर, भक्तगणों को भावों में डुबोकर झूमने व नृत्य करने को विवश कर दिया ! 
इस शोभा यात्रा में समाज के सभी महिला पुरुषों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया साथ ही  समस्त् जैन समाजजन व् युवा संगठन अध्यक्ष अमित मुंगाणीया ,  सुशील जवासा , आशीष  धीरावत , पंकज बारोड़ ,  जीतेन्द्र तलाटी ,  दीपेश मुंगणिया , महिला मण्डल , पवित्र मति बहुमण्डल , वीरबालक मण्डल , सहित सभी मण्डल सदस्यो की उपस्थिति रही ! उक्त जानकारी संजय तलाटी ने दी है

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