जापान के प्रधानमंत्री Shinzo Abe को गंभीर स्वास्थ्य समस्या, जल्द दे सकते हैं पद से इस्तीफा

टोक्यो। जापान (Japan) के प्रधानमंत्री शिंजो आबे (Shinzo Abe) स्वास्थ्य समस्या के कारण अपने पद से जल्द इस्तीफा दे सकते हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आबे अपनी खराब हो रही सेहत को सुधारने के लिए पद छोड़ सकते हैं।

जापान की स्थानीय मीडिया के अनुसार शिंजो आबे ने इस्तीफा देने का इरादा किया है। उनकी सेहत लगातार खराब हो रही है। उन्हें चिंता है कि इससे देश को परेशानी होगी। पीएम शिंजो आबे के स्वास्थ्य को लेकर बीते कई हफ्तो से अटकलें लगाईं जा रही हैं। हाल के दिनों में तेज बुखार आने के कारण वह चिकित्सा जांच के लिए दोबारा अस्पताल आए।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शिंजो आबे शुक्रवार देर शाम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं। इस दौरान वह इस्तीफे का ऐलान कर सकते हैं। इसके साथ फैसले का कारण भी बता सकते हैं।

एक माह से ज्यादा समय से नजर नहीं आए आबे

बताया जा रहा है कि आबे बीते 50 दिनों से किसी कार्यक्रम में शरीक नहीं हुए हैं। 18 जून को उन्होंने कहा कि वे अपने घर पर मीडिया से बातचीत करेंगे। हालांकि, वे ऐसा आयोजन नहीं कर पाए थे। 24 अगस्त को कैबिनेट सेक्रेटरी योशिहिडे सुगा ने शिंजो की सेहत को लेकर चल रही चर्चाओं को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा था कि आबे बिल्कुल ठीक हैं और रूटीन जांच के लिए अस्पताल आ रहे हैं।

आंत से जुड़ी बीमारी से जूझ रहे हैं शिंजो

इस तरह की आशंका लगाई जा रही है कि शिंजो लंबे समय से आंत से जुड़ी बीमारी अल्सरट्रेटिव कोलाइटिस से जूझ रहे हैं। इसी बीमारी के कारण शिंजो को 2007 में पहली बार पीएम बनने के एक साल बाद इस्तीफा (Resign) देना पड़ गया था। वह नियमित इलाज करके इस बीमारी को नियंत्रित रखते हैं। पहले इस बीमारी के लिए सही इलाज मौजूद नहीं था। इस बीमारी का कारण सही तरह से भोजन न करने और तनाव के कारण हो सकता है।

शिंजो की लोकप्रियता घटी

जापान की मीडिया में हुए एक सर्वे के मुताबिक, देश में शिंजो की लोकप्रियता के पहले के मुकाबले लगातार कम हो रही है। रविवार को सामने आए नतीजे में देश में 58.4% लोग कोरोना महामारी से निपटने के सरकार के तरीके से काफी नाराज हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने इससे निपटने के तरीकों में लापरवाही बरती है। हालांकि, जापान में महामारी काबू में है। यहां अब तक 62 हजार से ज्यादा संक्रमित मामले सामने आए हैं। वहीं 1200 मौतें हुई हैं, लेकिन लोग सरकार की ओर से दोबारा इस्तेमाल में लाए गए मास्क की योजना से काफी खफा हैं।

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